Office Vastu: कैसा हो आपके ऑफिस का रंग, नक्शा और ऑफिस का सामान

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ऑफिस का वास्तु
ऑफिस का वास्तु

Office Vastu: ऑफिस का वास्तु कैसा होना चाहिए? ज्योतिष शास्त्र में वास्तु का महत्व बहुत अधिक बताया गया है। आप कहां रहते हैं, किस जगह पर कार्य करते हैं, आपके घर का वास्तु कैसा है, क्या आपके ऑफिस का वास्तु आपके अनुसार है, क्या यह आपके जीवन में तरक्की के मार्ग में बाधा तो नहीं बन रहा, ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब व्यक्ति के मन में होते हैं। घर की तरफ ऑफिस के वास्तु का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।

जहां घर में हम आराम करते हैं, वही ऑफिस वह जगह होता है जहां हमें लगभग 8 से 9 घंटे बिताने होते हैं। ऐसे में यदि आपके ऑफिस का वास्तु आपके अनुरूप नहीं है तो आपके कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता है और आपकी तरक्की में व्यवधान हो सकता है। ऑफिस में आपको मानसिक तनाव झेलना पड़ सकता है। इसलिए ऑफिस में वास्तु का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। आज भी घर या ऑफिस का कमरा छोटा हो गया हो, एक समय था जब घर बनाने से पहले वास्तु का खास ख्याल रखा जाता था।

ऑफिस में होता है जहां पर हम काम करते हैं और वहां से हमारी रोजी-रोटी चलती है। ऐसे में यदि आपके ऑफिस का वातावरण वास्तु के हिसाब से सही नहीं है तो यह आपकी तरक्की में रुकावट पैदा कर सकता है। आपका जीवन, धन इत्यादि सब बर्बाद हो सकता है। यदि आप के ऑफिस में किसी तरह की समस्या आ रही है तो आपको अपने ऑफिस के वास्तु का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

Office Vastu: ऑफिस का वास्तु कैसा होना चाहिए

ऑफिस में सबसे पहले बॉस का कमरा नहीं होना चाहिए। सबसे पहले आप उस कर्मचारी का कमरा या जगह बनवा सकते हैं जो आपके ऑफिस में आने वाले लोगों को जानकारी दे सके और उन लोगों की जानकारी आप तक पहुंचा सके।

ऑफिस में कभी भी किसी दरवाजे के ठीक सामने टेबल नहीं रखना चाहिए। दरवाजे के ठीक सामने टेबल रखना वास्तु के हिसाब से सही नहीं माना जाता है। यह आपके ऑफिस में अशुभ वातावरण का निर्माण कर सकता है।

घर की तरह ही ऑफिस का मुख्य द्वार उत्तर पूर्व दिशा में खुलना चाहिए। वास्तु के हिसाब से ऑफिस का मुख्य द्वार उत्तर पूर्व दिशा में शुभ माना जाता है। गलत दिशा में ऑफिस का मुख्य द्वार खुलने से आपको धन हानि हो सकती है और यदि कोई दुकान है तो उस दुकान की बिक्री पर असर पड़ सकता है।

दरवाजे के सीध में किसी कर्मचारी को नहीं बैठाना चाहिए। यदि कर्मचारी को वहां बैठाना ही पड़े तो आप उसे थोड़ा दाएं बाएं बैठा सकते हैं। लेकिन दरवाजे के ठीक सामने किस कर्मचारी को बैठाना शुभ नहीं होता है।

दक्षिण, उत्तर पश्चिम, दक्षिण पश्चिम, पश्चिम तथा बीच के स्थान पर जो ऑफिस बना होता है, वह वास्तु के हिसाब से शुभ नहीं माने जाते हैं। इसलिए ऑफिस बनाते समय दिशाओं का खास ध्यान रखना चाहिए। यदि संभव हो तो योग्य वास्तु सलाहकार से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

ऑफिस में जिस जगह पर कंपनी का मालिक या ऑफिस के बॉस बैठते हैं, उस जगह पर उनकी पीठ के पीछे खिड़की नहीं होनी चाहिए। वास्तु के हिसाब से यदि ऐसा होता है तो यह बहुत ही अशुभ माना जाता है।

ऑफिस में यदि साइन बोर्ड लगाना हो तो मीटर प्लास्टिक का साइन बोर्ड बेहतर होता है। साइन बोर्ड का कलर ब्लू, काला या ग्रे नहीं होना चाहिए। साइन बोर्ड को केसरिया, पीला, गुलाबी और सफेद रंग से रगना चाहिए।

ऑफिस का मुख्य द्वार मुख्य स्थान होता है। मुख्य द्वार के सामने काला, आसमानी और ग्रे कलर के रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह कलर ऑफिस में नेगेटिव एनर्जी को आमंत्रण देता है। इससे आपके ऑफिस का वातावरण नकारात्मक हो सकता है।

ऑफिस में जिस जगह पर आप बैठते हैं, उसके ऊपर किसी भी प्रकार का जाला नहीं होना चाहिए। पीठ के पीछे और बगल में कोई दरवाजा नहीं होना चाहिए। वास्तु के हिसाब से यह सबसे खराब माना जाता है। यदि आप के ऑफिस में ऐसी स्थितियां हैं तो आपको इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अपने ऑफिस में पानी की व्यवस्था हमेशा ईशान कोण में करना चाहिए। बता दें कि घर के मंदिर की दिशा के लिए भी यह ईशान कोण शुभ होता है। ईशान कोण उत्तर पूर्व दिशा होता है। इसलिए ऑफिस में यदि पानी का स्थान रखना हो तो ईशान कोण में ही रखना चाहिए। यहां एक बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि ईशान कोण का संबंध जमीन से अवश्य होना चाहिए।

ऑफिस में कैशियर होता है। ऑफिस के कैशियर का मुख्य काम होता है पैसे का हिसाब किताब रखना। इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जिस जगह पर ऑफिस का कैशियर बैठता है, उस स्थान पर अधिक से अधिक कर्मचारियों की निगाह रहनी चाहिए। ऑफिस में कैशियर को हमेशा उत्तर दिशा में बैठाने का प्रयास करना चाहिए। बता दें कि उत्तर दिशा भगवान कुबेर की दिशा होती है।