स्नान कब करना चाहिए? घर में चाहते हैं सुख समृद्धि तो इस समय करें स्नान

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स्नान कब करना चाहिए
स्नान कब करना चाहिए?

प्रतिदिन स्नान करना सेहत के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि स्नान कब और किस समय करना चाहिए? स्नान करने के क्या-क्या फायदे होते हैं? प्राचीन धर्मग्रंथों में स्नान से जुड़ी हुई कई पवित्र मान्यताएं हैं। स्नान करने के लिए एक सुनिश्चित समय निर्धारित किया गया है। धर्मग्रंथों के अनुसार, प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। सुबह में स्नान करने की क्रिया को धर्म ग्रंथों में चार उपनाम दिए गए हैं। नहीं जानते हैं कि सभी स्नानों का क्या महत्व होता है और स्नान कब करना चाहिए?

मुनि स्नान

यह स्नान सुबह 4:00 से 5:00 के बीच किया जाता है। इस स्नान को ब्रह्म स्नान भी कहा जाता है। सुबह 3:00 से 5:00 के बीच का समय है ब्रह्म मुहूर्त का होता है। इस समय जगने से व्यक्ति के अंदर अलौकिक उर्जा का विकास होता है। मुनि स्नान को सर्वोत्तम स्नान माना गया है। मुनि स्नान करने से व्यक्ति को सुख, शांति, समृद्धि, विद्या, बल, आरोग्य, चेतना प्राप्त होती है। पढ़ें- घर में सोफा की दिशा- इस दिशा में रखने से आती है सुख शांति, जानें शुभ दिशा

देव स्नान

प्रतिदिन सुबह 5:00 से 6:00 के बीच देव स्नान किया जाता है। इस समय स्नान करना भी शुभ माना जाता है। यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान नहीं कर पाते हैं तो कम से कम देब मुहूर्त में स्नान आवश्यक कर लेना चाहिए। देव मुहूर्त में स्नान के बाद पूजा करने से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। देव स्नान को उत्तम स्नान माना गया है। देव स्नान करने वाले व्यक्ति को अपने जीवन में यश, कीर्ति, धन और वैभव, शांति तथा संतोष की प्राप्ति होती है।

मानव स्नान

सुबह 6:00 से 8:00 के बीच मानव स्नान किया जाता है। यह स्नान मुनि स्नान और देव स्नान से निम्न माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति देव स्नान भी नहीं कर पाता है तो व्यक्ति को कम से कम मानव स्नान अवश्य कर लेना चाहिए। मनुष्य स्नान को सामान्य श्रेणी में माना गया है। मानव स्नान करने वाले व्यक्ति को जीवन में कार्यों में सफलता, भाग्य उदय, अच्छे कर्मों की सूझबूझ, परिवार में एकता जैसे फल प्राप्त होते हैं। पढ़ें- मंदिर में माचिस क्यों नहीं रखनी चाहिए, पूजा घर में कितनी फोटो रखनी चाहिए?

राक्षसी स्नान

सुबह 8:00 बजे के बाद किया गया स्नान राक्षसी स्नान की श्रेणी में आता है। इस प्रकार का स्नान धर्म शास्त्रों में निषेध माना गया है। इस समय के बाद स्नान करने से व्यक्ति के अंदर राक्षसी गुण आने लगते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सुबह 8:00 बजे के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। राक्षसी स्नान करने वाले व्यक्ति को जीवन में दरिद्रता, हानि, क्लेश, धनहानि और जीवन में परेशानी प्राप्त होती है।

प्राचीन समय में सूर्य निकलने से पहले ही लोग स्नान करते थे। घर की महिलाएं यदि सूर्योदय से पहले स्नान करती हैं तो घर में घन और वैभव तथा लक्ष्मी का वास होता है। घर में लक्ष्मी का वास होने से घर में हमेशा धन की आगमन बनी रहती है। धन लाभ होने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां खत्म होती है और जिंदगी आराम से करती है। यदि कोई व्यक्ति जीवन में सफलता और धन अर्जित करना चाहता है तो उन्हें हमेशा सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए और ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए।